Government recognizes Delhi blast as terrorist incident :
नई दिल्ली.दिल्ली में 10 नवंबर की शाम कार में ब्लास्ट हुआ था। घटना में अब तक 12 लोगों की मौत हो चुकी है। केंद्र सरकार ने दिल्ली कार ब्लास्ट को आतंकी हमला माना है। बुधवार को केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में लाल किला के पास हुए टेरर अटैक पर प्रस्ताव पारित किया गया। केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने प्रस्ताव पढ़ते हुए कहा- मंत्रिमंडल ने इस आतंकी घटना को ‘राष्ट्र-विरोधी ताकतों ने अंजाम दिया गया जघन्य कृत्य’ बताया। जांच एजेंसियों को कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। सरकार की आतंकवाद के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति है। इधर पुलिस ने आशंका जताई थी कि दिल्ली धमाके में शामिल आतंकियों के पास एक नहीं, बल्कि दो कारें थीं। लाल रंग की इस फोर्ड इकोस्पोर्ट कार का नंबर DL10-CK-0458 है। दिल्ली पुलिस ने बुधवार को इसकी तलाश के लिए दिल्ली के साथ पड़ोसी राज्यों यूपी और हरियाणा में अलर्ट जारी किया गया था। अलर्ट जारी होने के बाद बुधवार शाम को ही कार को हरियाणा के खंदावली गांव के पास से बरामद किया गया। यह कार डॉ. उमर उन नबी के नाम पर रजिस्टर्ड है। FSL और NSG की टीम ने कार की जांच की है। स्थानीय लोगों ने कहा- कार मंगलवार से यहां पर थी।
दो साल से विस्फोट जमा कर रही थी शाहीन

दिल्ली धमाका करने वाले आतंकियों का ग्रुप फरीदाबाद की अल फलाह यूनिवर्सिटी से संचालित हो रहा था। सूत्रों के मुताबिक धमाकों की साजिश जनवरी से की जा रही थी। फरीदाबाद से गिरफ्तार डॉ. शाहीन शाहिद ने बताया कि वह पिछले दो साल से विस्फोटक जमा कर रही थी। शाहीन और उसके साथियों को मिलाकर एक व्हाइट कॉलर टेरर मॉड्यूल बनाया गया था। यानी इसमें पेशेवर लोगों को शामिल किया गया था। इसमें शामिल आतंकी जैश-ए-मोहम्मद और अंसार गजवत-उल-हिंद नाम के संगठनों जुड़े थे।
घायलों से मिले पीएम मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बुधवार दोपहर भूटान से लौटे। वे एयरपोर्ट से सीधे LNJP अस्पताल पहुंचे। यहां उन्होंने दिल्ली ब्लास्ट के घायलों के इलाज का जायजा लिया और डॉक्टरों से भी बात की। प्रधानमंत्री ने कहा कि साजिश को अंजाम देने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।
देशभर में रेलवे स्टेशन, मॉल में धमाकों की साजिश थी
दिल्ली ब्लास्ट को अंजाम देने वाले आतंकियों ने देशभर में 200 बम (IEDs) से 26/11 जैसे हमले करने की साजिश रची थी। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक दिल्ली के लाल किला, इंडिया गेट, कॉन्स्टिट्यूशन क्लब और गौरी शंकर मंदिर जैसी जगह धमाके किए जाने थे। आतंकियों के टारगेट पर गुरुग्राम और फरीदाबाद के साथ देशभर के रेलवे स्टेशनों और बड़े मॉल्स भी थे। जांच एजेंसियों का कहना है कि वे धार्मिक स्थलों पर हमला कर देश में सांप्रदायिक तनाव फैलाना चाहते थे। इसके लिए उन्होंने कश्मीर के पुलवामा, शोपियां और अनंतनाग के डॉक्टरों को चुना, ताकि वे बिना रोकटोक कहीं भी जा सकें।

सूत्रों के अनुसार, कार ने किसी टारगेट को टक्कर नहीं मारी, न किसी बिल्डिंग में घुसी, यानी यह सुसाइड कार बॉम्बिंग जैसा हमला नहीं था। उमर विस्फोट में मारा जा चुका है। पुलिस ने उसकी मां का DNA सैंपल लिया है, ताकि धमाके के अवशेष में मिले शव के टुकड़ों की पहचान हो सके। लाल किला मेट्रो स्टेशन के गेट नंबर-1 के पास सोमवार शाम करीब 6.52 बजे सफेद i20 कार में ब्लास्ट हुआ था। इसमें 12 लोगों की मौत हुई। सूत्रों का कहना है कि कार में विस्फोट सामाग्री वही थी, जो फरीदाबाद से 10 नवंबर को धमाके से पहले जब्त की गई थी।
ब्लास्ट से पहले करीब 3 घंटे मस्जिद में रुका डॉ. उमर नबी
न्यूज एजेंसी पीटीआई को एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि अल-फलाह विश्वविद्यालय में सहायक प्रोफेसर डॉ. उमर नबी ने दोपहर करीब 3.19 बजे सुनहरी मस्जिद की पार्किंग में गाड़ी खड़ी की थी। इससे पहले, नबी राम लीला मैदान के पास आसफ अली रोड स्थित एक मस्जिद गए थे, जहां उसने करीब तीन घंटे तक रुककर नमाज अदा की थी।
एक अन्य अधिकारी ने कहा- उमर फरीदाबाद मॉड्यूल में गिरफ्तार लोगों के बारे में लगातार अपडेट ले रहा था। हम यह भी पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि क्या वह सिग्नल फोन का इस्तेमाल करके अपने आकाओं से बात कर रहा था।
हाफिज मोहम्मद इश्तियाक का भाई बोला- वो ऐसा कभी नहीं कर सकता
हरियाणा के नूंह से हिरासत में लिया गया हाफिज मोहम्मद इश्तियाक के भाई ने कहा कि मेरा भाई कभी ऐसा नहीं कर सकता है। वो किसी भी टेररिस्ट एक्टिविटी में शामिल नहीं हो सकता है।
चांदनी चौक बाजार को तीन दिन में ₹500 करोड़ का नुकसान
दिल्ली के लाल किला धमाके के बाद लाल किले से सामने के चांदनी चौक बाजार में लोग खरीदारी के लिए नहीं आ रहे हैं। चांदनी चौक में हर दिन कम से कम 4 लाख लोग आते हैं। यह देश का सबसे बड़ा थोक बाजार है। यहां हर दिन करीब ₹450-₹500 करोड़ का कारोबार होता है। अभी शादियों का सीजन चल रहा है, इसके बावजूद खरीदारी के लिए पहुंचने वाली लोगों की संख्या सीमित है।
फरीदाबाद: खंदावली गांव पहुंची FSL टीम

हरियाणा खंदावली गांव में लाल रंग की इकोस्पोर्ट कार (DL10CK0458) खड़ी मिली। पुलिस मौके पर पहुंची, बाद में FSL टीम भी गांव पहुंची है। अब कार से सबूत जुटाए जा रहे हैं। शक है कि इस कार का ब्लास्ट करने वाले डॉ. उमर नबी से कोई न कोई लिंक जरूर है।
भूपेश बघेल बोले- ब्लास्ट केंद्र के खुफिया तंत्र की नाकामी
छत्तीसगढ़ के पूर्व सीएम भूपेश बघेल ने दिल्ली ब्लास्ट को खुफिया एजेंसियों की नाकामी बताया। उन्होंने कहा- ब्लास्ट ने केंद्र सरकार के सुरक्षा तंत्र नाकामी को उजागर कर दिया है। आप पहलगाम में आतंकवादी हमले को रोकने में नाकाम रहे, आप चांदनी चौक में नाकाम रहे और गृह मंत्री अमित शाह जिम्मेदारी लेने के बजाय चुनावों में व्यस्त रहे। उन्होंने कहा कि मणिपुर दो साल तक जलता रहा। पुलवामा हमले में 400 किलो आरडीएक्स का इस्तेमाल किया गया था। आज भी यह पता नहीं चल पाया है कि इसे कौन लाया था। अब यह पता चला है कि विस्फोटकों का एक बड़ा जखीरा दिल्ली से सटे फरीदाबाद पहुंच गया है। यह कैसे आया? यह वहां कैसे पहुंचा? बघेल ने कहा कि केंद्र सरकार ने सुरक्षा एजेंसियों को विपक्षी नेताओं की जासूसी करने पर लगा दिया गया है। इसके कारण देश की आंतरिक सुरक्षा प्रभावित हुई है।





