लखनऊ. सपा प्रमुख अखिलेश यादव आजम खां (Akhilesh meets Azam Khan) मिलने के लिए आठ अक्तूबर को रामपुर जाएंगे। इस बीच राजनीतिक गलियारों में आजम खां के बसपा में जाने की अटकलें चल रही हैं। राजनीतिक जानकारों के अनुसार अखिलेश ने आठ अक्तूबर की तारीख इसलिए चुनी है क्योंकि नौ अक्तूबर को बसपा एक बड़ी रैली का आयोजन करने जा रही है। सपा सूत्रों के अनुसार अखिलेश का विस्तृत कार्यक्रम जल्द ही जारी हो सकता है। मालूम हो कि मंगलवार को ही आजम खां 23 महीने बाद जेल से रिहा हुए थे। हालांकि रामपुर में पत्रकारों से बात करते हुए आजम ने बसपा में जाने का विकल्प बंद कर दिया था। एक सवाल के जवाब में उन्होंने अखिलेश का शुक्रिया अदा किया।
बसपा में शमिल होने पर बोले आजम
आजम खां ने बुधवार को रामपुर में पत्रकारों से बात की। बसपा में शामिल होने की अटकलों पर उन्होंने दो टूक कहा कि हमारे पास चरित्र नाम की एक चीज है। इसका मतलब यह नहीं कि हमारे पास कोई पद या ओहदा हो। लोग हमें प्यार करें, इज्जत दें और यह साबित हो कि हम बिकाऊ माल नहीं हैं, यही काफी है। मुरादाबाद के पूर्व सांसद एचटी हसन को लेकर उन्होंने कहा कि जब मैं अपने आदमी को टिकट नहीं दिला पाया, तो किसी और का टिकट कैसे कटवा सकता हूं…
किसी के लिए कोई कड़वाहट नहीं…
जब उनसे पूछा गया कि जेल के दौरान कई बड़े नेता उनसे मिलने नहीं आए, तो आज़म खां ने कहा कि मेरे मन में किसी के लिए नाराजगी नहीं है। मैं चाहता हूं कि वह खुश और आबाद रहें। हालांकि उन्होंने यह भी जोड़ा कि पहले जो लोग उन्हें नहीं पहचानते थे, अब दर्ज मुकदमों की वजह से सब जानने लगे हैं। आजम खां ने समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव को बड़ा नेता बताते हुए कहा कि उन्होंने मेरे बारे में बात करके हौसला बढ़ाया। मैं उनका शुक्रगुजार हूं। अखिलेश मेरे उतने ही करीब हैं, जितने नेताजी (मुलायम सिंह यादव) थे।
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