जय अंबे के जयकारों से गूंजे मां के दरबार…
नई दिल्ली. राजधानी में सोमवार को जय अंबे के जयकारों से नवरात्र महोत्सव की भव्य शुरुआत हुई । पहले दिन भक्तों ने मां दुर्गा के प्रथम स्वरूप मां शैलपुत्री की पूजा-अर्चना की। घर-घर में कलश स्थापना के साथ मंदिरों में विशेष अनुष्ठान हुए।
झंडेवाला माता मंदिर, कालकाजी मंदिर और छतरपुर मंदिर सहित अन्य शक्तिपीठों में सुबह से ही श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लगी रहीं…नवरात्र के प्रथम दिन पर्वतराज हिमालय की पुत्री मां शैलपुत्री की विधि-विधान से पूजा की गई।

भक्तों ने उपवास रखकर विशेष आराधना की। झंडेवाला माता मंदिर में नवरात्र महोत्सव के पहले दिन विभिन्न कीर्तन मंडलियों ने मां का गुणगान कर वातावरण को भक्ति रस से भर दिया।
दिल्ली के कालकाजी मंदिर में सजी हुई रोशनी और सजावट ने श्रद्धालुओं को आकर्षित किया। जय अंबे के जयकारों के बीच भक्तों ने मां शैलपुत्री के दर्शन कर सुख-समृद्धि का आशीर्वाद मांगा।

वहीं, छतरपुर स्थित श्री आद्या कात्यायनी शक्तिपीठ मंदिर में विशेष आरती और ध्वजारोहण के साथ महोत्सव का शुभारंभ हुआ। मंदिर परिसर में भक्ति और उल्लास का माहौल देखते ही बन रहा था।
भक्तों की सुविधा के लिए सभी मंदिरों के प्रबंधन ने विशेष इंतजाम किए हैं। परिसर और आसपास के क्षेत्रों में सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। सुरक्षा बलों की तैनाती के साथ भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पट्टियों के बीच लाइनों की व्यवस्था की गई है।

श्रद्धालुओं के इंतजार को सहज बनाने के लिए मधुर भक्ति संगीत का भी प्रबंध किया गया। मंदिर प्रबंधन की ओर से चिकित्सा विभाग 24 घंटे सेवा में जुटा है, ताकि जरूरत पड़ने पर भक्तों को तुरंत उपचार मिल सके। साथ ही, खोया-पाया विभाग भी सक्रिय है, जो भीड़ में बिछड़े परिजनों को मिलवाने और खोए सामान को लौटाने में मदद करता है।





