BJP’s guide for Mission Bihar : NDA के ‘संकटमोचक’ बने धर्मेंद्र प्रधान, Chirag Paswan को मनाने और सीट बंटवारे में निभाई अहम भूमिका

BJP's guide for Mission Bihar

Share:

BJP’s guide for Mission Bihar :

नई दिल्ली. बिहार विधानसभा चुनाव को लेकर NDA में सीट शेयरिंग का फॉर्मूला तय हो गया है. इसमें बीजेपी 101, जेडीयू 101, चिराग की पार्टी 29, मांझी की पार्टी 6 सीटों पर चुनाव लड़ेगी. सीट बंटवारे में धर्मेंद्र प्रधान(Dharmendra Pradhan) की भूमिका बेहद अहम रही है. दिल्ली में देर रात चली बैठकों में धर्मेंद्र प्रधान ने चिराग पासवान(Chirag Paswan) और अन्य सहयोगियों के बीच सहमति बनवाई.

कई दौर की बातचीत के बाद धर्मेंद्र प्रधान और भाजपा महासचिव विनोद तावड़े गतिरोध तोड़ने के लिए Chirag Paswan के आवास पर गए. हालांकि बैठक बेनतीजा रही. कुछ ही घंटों में चिराग ने अपने करीबी सांसद अरुण भारती को सीटों पर बातचीत के लिए आधिकारिक वार्ताकार नियुक्त कर दिया. ये कदम दोनों दलों के बीच बढ़ते तनाव का संकेत माना गया.

BJP's guide for Mission Bihar
BJP’s guide for Mission Bihar

 

देर रात हुई बातचीत के बाद बनी बात

ये गतिरोध तब तक जारी रहा, जब तक केंद्रीय मंत्री नित्यानंद राय ने हस्तक्षेप कर चिराग पासवान से भाजपा के 25 सीटों वाले फॉर्मूले को मानने की अपील नहीं की,लेकिन चिराग अपने रुख पर कायम रहे. इसके बाद चिराग के आवास पर देर रात हुई बैठक ने पूरे समीकरण को बदल दिया.

सूत्रों का कहना है कि लंबी चर्चा के बाद धर्मेंद्र प्रधान ने चिराग को 29 सीटों के अंतिम समझौते पर सहमत होने के लिए मना लिया. बैठक समाप्त होते ही दोनों नेता मुस्कुराते और हाथ मिलाते हुए देखे गए,  जो बिहार चुनाव से पहले एनडीए की सबसे अहम बातचीतों में से एक के सफल अंत का संकेत था.

 

मिशन बिहार के लिए BJP के मार्गदर्शक बने Dharmendra Pradhan

BJP's guide for Mission Bihar
BJP’s guide for Mission Bihar

इस सहज समझौते के पीछे धर्मेंद्र प्रधान का हाथ था, जो एक रणनीतिकार हैं और अपने शांत स्वभाव और तीक्ष्ण राजनीतिक सूझबूझ के लिए जाने जाते हैं.बिहार चुनाव के लिए भाजपा के प्रभारी बनाए गए धर्मेंद्र प्रधान की ज़िम्मेदारी सिर्फ़ समन्वय तक सीमित नहीं है. वे पार्टी के भरोसेमंद क्राइसिस मैनेजर हैं, जिन्हें अक्सर तब मैदान में उतारा जाता है, जब हालात जटिल हों. बिहार की राजनीति में उनका अनुभव लंबा और असरदार रहा है. बिहार में 2010 में एनडीए की भारी जीत (243 में से 206 सीटें) की पटकथा लिखने से लेकर 2014 के लोकसभा चुनाव में भाजपा के सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन (40 में से 31 सीटें) तक, बिहार के चुनावी मानचित्र पर प्रधान की छाप स्पष्ट देखी जा सकती है.

 

 

धर्मेंद्र प्रधान के नाम कई राज्यों के रिकॉर्ड…

 उत्तर प्रदेश (2022): भाजपा की लगातार दूसरी बार जीत सुनिश्चित की.

 हरियाणा (2024): एंटी-इंकंबेंसी के बावजूद तीसरी बार बीजेपी की सरकार बनवाई. 

उत्तराखंड (2017): पार्टी को सत्ता में वापस लाने में अहम भूमिका.

पश्चिम बंगाल (2021): नंदीग्राम पर खास फोकस, जहां ममता बनर्जी को हार का सामना करना पड़ा.

ओडिशा: जमीनी स्तर पर संगठन मजबूत कर भविष्य की जीत की नींव रखी.

 

BJP's guide for Mission Bihar
BJP’s guide for Mission Bihar

BJP के सबसे भरोसेमंद रणनीतिकार Dharmendra Pradhan

धर्मेंद्र प्रधान की असली ताकत उनके संगठन-निर्माण कौशल, सहज लेकिन प्रभावी बातचीत शैली और बिना किसी शोर-शराबे के गतिरोध सुलझाने की क्षमता में छिपी है. यही गुण उन्हें जटिल गठबंधनों और सूक्ष्म राजनीतिक समीकरणों के बीच भाजपा का सबसे भरोसेमंद रणनीतिकार बनाते हैं.

जैसे-जैसे बिहार अब चुनावों की ओर बढ़ रहा है, ‘डबल इंजन सरकार’ को एकजुट रखने और एनडीए को एक दिशा में आगे ले जाने की ज़िम्मेदारी में धर्मेंद्र प्रधान की रणनीतिक चतुराई और भरोसेमंद छवि निर्णायक साबित हो सकती है. भाजपा के लिए वे न सिर्फ़ संगठन की रीढ़ हैं, बल्कि वह उसकी ‘विजयी रणनीति’ का विश्वसनीय चेहरा भी बने हुए हैं.

ALSO READ : SIR will begin in states : बिहार के बाद अब देशभर में SIR करवाने की तैयारी, पहले फेज में बंगाल, असम समेत 5 राज्य शामिल

ALSO READ : Landslide in Himachal Pradesh : यात्री बस पर गिरा पहाड़, 10 लोगों की मौत… कई मलबे में दबे… रेस्क्यू जारी

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

latest news